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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Abstract

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Dr.R.N.SHEELA KUMAR

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कलम

कलम

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कलम तू

क्यों उदासीन हो

इसी तरह न देखो,


पुस्तक पर आकर लिखो

तब ही तुम कलम हो

आलस न करो।


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