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Bhisham Kumar

Inspirational

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Bhisham Kumar

Inspirational

कलाम

कलाम

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कलम से "कलाम"को रचने चला हूँ

मटके में समुंदर भरने चला हूँ

आज मैं "कलाम" को रचने चला हूँ

धन्य है वो माँ जिसने "कलाम" को जिंदगी दी

और "कलाम"ने भारत माँ को जिंदगी दे दी।


राष्ट्रवाद का एक उदहारण बनो

मैं कहता हूँ "कलाम"बनो

तुम कहते तो हिन्दू राष्ट्र बनाऊँगा

तो मैं कहता हूँ फिर "कलाम"कहा से पाओगे

देश सेवा का उदाहरण बनो।

 

मैं कहता हूँ "कलाम"बनो

बचपन समाचार-पत्र बेच के सेवा की

जवानी में देश को शक्ति दी

आखिरी समय में छात्रों को प्रेरणा दी

जगे तो देश के लिए ,सोये तो देश के लिए

इस "कलाम"को मैं रचने चला हूँ।


कागज़ पर मैं आज "कलाम" को जिंदा करने चला

लौट आओ आप आज देश को जरूरत होने लगा है

आज मैं कलम से "कलाम" को रचने चला हूँ

मटके में समुन्दर भरने चला हूँ।


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