STORYMIRROR

br jaalap

Drama

1  

br jaalap

Drama

कल तू मुझसे प्यार करता था

कल तू मुझसे प्यार करता था

1 min
323

कल तू मुझ से प्यार करता था 

आज मैं तुझ से प्यार करती‌ हूँ 

कल तू मेरा इंतजार कर रहा था 

आज मैं तेरा इंंतजार करती हूँ।


यूँ नहीं ठुकराना चाहिए गालिब,

राहों में चलते प्यार को

आज मैं प्यार की‌ अहमियत

समझती हूँ।


खो ना जाए ये दिल के रिश्ते 

दिल से प्यार करती‌ हूँ

हो जाए खता गालिब

खफा मत होना। 


प्यार की खता को

प्यार की राह समझती हूँ।


खता से सीख आगे

राह में बढ़ती हूँ 

प्यार को कभी

खता नहीं समझना। 


ऐ गालिब प्यार को राहों में

ठुकराना खता समझती हूँ


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama