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br jaalap

Drama

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br jaalap

Drama

कल तू मुझसे प्यार करता था

कल तू मुझसे प्यार करता था

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कल तू मुझ से प्यार करता था 

आज मैं तुझ से प्यार करती‌ हूँ 

कल तू मेरा इंतजार कर रहा था 

आज मैं तेरा इंंतजार करती हूँ।


यूँ नहीं ठुकराना चाहिए गालिब,

राहों में चलते प्यार को

आज मैं प्यार की‌ अहमियत

समझती हूँ।


खो ना जाए ये दिल के रिश्ते 

दिल से प्यार करती‌ हूँ

हो जाए खता गालिब

खफा मत होना। 


प्यार की खता को

प्यार की राह समझती हूँ।


खता से सीख आगे

राह में बढ़ती हूँ 

प्यार को कभी

खता नहीं समझना। 


ऐ गालिब प्यार को राहों में

ठुकराना खता समझती हूँ


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