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Arunima Bahadur

Inspirational

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Arunima Bahadur

Inspirational

किताब

किताब

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करती हूं मैं बाते उनसे,

उनको ही सुन लेती हूं।

हाँ,

वो किताबें ही है दोस्त मेरी,

हर पल उनके बीच रहती हूं।


गुजार कर पल उन दोस्तों संग,

मैं पथ अपने नित सजाती हूँ।

उन दोस्तों के बीच खुद को,

हर पल मैं तो पाती हूँ।


वही तो है पदचिन्ह ऐसे,

जिन से चलना मैंने सीखा हैं।

संघर्ष पथ को विजय पथ बनाना,

मैंने इनसे ही सीखा हैं।


नहीं हारती मैं कभी भी,

अब शूलों भरी राहों में,

अंधकार में भी दीप बनना,

सदा इनसे ही सीखा हैं।।


किताबें ही है सखा मेरी,

सुख दुख की साथी जो,

प्रेम के द्वार खोलना,

खुद से मिलना सीखा है।।



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