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DHANSHRI KABRA

Inspirational

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DHANSHRI KABRA

Inspirational

किसीसे कम नही हो तुम

किसीसे कम नही हो तुम

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हां ! मानते है थोड़े अलग हो

मगर ये भी मानते हैं

किसी से कम नहीं हो तुम

जैसे पांचों उंगलियां एक जैसी नहीं होती


वैसे ही हमारी पहचान भी अलग है

पर ये जानना भी जरूरी है

अलग होंगे फिर भी 

किसी से कम नहीं हो तुम


शायद अपने व्यक्तिमत्व को 

बतलाने से थोड़े डर रहे हो तुम

पर इस बात की गांठ बांध 

आगे बढ़ना सिखलो के 


किसी के जैसे नहीं

पर किसी से कम नहीं हो तुम।


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