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Tanu Bhargava

Abstract

4  

Tanu Bhargava

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की रंग बरसे

की रंग बरसे

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फागुन का महीना आया

होली का पैगाम लाया 

खुशियों से भर दे झोली

रंग होली वाली

कि देखो रंग बरसे


रंग गुलाल लेकर निकले टोली टोली

धूल उड़ा दे आंगन खोरी

खेल युवक युवती चित चकोरी

नैनों से चलती प्रेम की गोली

भिंगोए चुनरी फट जाए चोली

लो आ गई होली ।

कि देखो रंग बरसे


गाँव मोहल्ले में धूम मचा दे

गल - गलियारी में धूल उड़ा दे

देवर भोजाई ठुमका लगा दे

पति-पत्नी गुलाल लगाकर प्रेम दर्शा दे

कि देखो रंग बरसे


भाई भाई में प्यार उमड़ आए

सभी होली के रंग में रंग जाय

छोरा छोरी लेकर रंग होली वाली

खेलते चित चकोरी

पिचकारी से निकले रंग की गोली

छोरा छोरी भिंगाते

लंगोटी और चोली

लो आ गई होली

कि रंग बरसे।।



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