Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Radhey Shyam

Inspirational

4  

Radhey Shyam

Inspirational

ख्वाहिशों के बादल

ख्वाहिशों के बादल

1 min
12


ख्वाहिशों के बादल ऊंचे थे मगर,

बरसाना उनको, धरती पर ही था,

हर बून्द छोटी थी मगर,

बहना उनको नदियों में ही था,


ख्वाहिशों के बादल ऊंचे थे मगर,

बरसाना उनको, धरती पर ही था,


कभी धूप थी, कभी छाव थी,

फिर हवाओ की आवाज थी,

फिर दिन बदला, रात बदली,


ख्वाहिशों की आंधी फिर से चल दी,

ख्वाहिशों के बादल ऊंचे थे मगर,

बरसाना उनको, धरती पर ही था।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational