ख्वाहिशें
ख्वाहिशें
ख्वाहिशों को पंख मिल जाए
आसमा मैं यह दिल उड़ जाए
अब और इंतजार नहीं होता
दायरों में दिल नहीं रहता
बंदीशे सब तोड़ देना है
और खुद के लिए रास्ता बनाना है
पत्थरों की इबादत बहुत कर ली
अब खुद ही अपनी मुराद पूरी करना है
ख्वाहिशों को पंख मिल जाए
आसमां में यह दिल उड़ जाए
कौन क्या कहेगा यह सब भूल जाना है
दूसरों को बहुत मना लिया
अब खुद को मनाना है
बंद आंखों से जो ख्वाब देखे थे
अब उन्हें खुली आंखों से पूरा करना है
ख्वाहिशों को पंख मिल जाए
आसमां मैं यह दिल उड़ जाए।
