ख्वाहिश
ख्वाहिश
हज को जा रहें हाजी बड़ी बात है।
जुबान पर आ रही नबी की नात है।।
अल्लाह का घर नबी का हुजरा देख।
इस तरहा की ये पहली मुलाकात है।।
अरकाने ज़िन्दगी के पूरे करने के बाद।
दिया खुदा ने मौका बड़ी सौगात है।।
अहराम पहनकर लबैक हर जुबापर।
जा रहे हाजी करने मुनाजात है।।
मेहनत मशक्कत से कर पूरे अरकान।
यूं ही गुजरेंगे कई दिन और रात है।।
जन्नत का नज़ारा मक्का और मदिना।
दीदार को जा रही हाजियों बारात है।।
अपनी अकीदत का मुजाहिरा इबादत।
खुलुसो प्यार की मिलेगी हयात है।।
अपने दिल की ख्वाहिश पर हो यकीन।
ज़िन्दगी नेकी से गुजारी हयात है।।
