STORYMIRROR

Richa Goswami

Classics

4  

Richa Goswami

Classics

ख्वाहिश तुम्हे पाने की

ख्वाहिश तुम्हे पाने की

1 min
411

ख्वाहिश थी तुमसे मिलने की

ज़िन्दगी के हर पल साथ गुजारने की


तुम पास होकर भी दूर थे

क्युकी हमारे दुश्मन करीब थे


हजार कोशिश की तुम्हे पाने की

मगर तुम्हारी आदत थी बेवफाई करने की


ऐसा भी क्या गुनाह किया था 

मैंने सिर्फ तुमसे प्यार ही तो किया था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics