खून का हर एक कतरा प्रद्युम्न अरोठिया
खून का हर एक कतरा प्रद्युम्न अरोठिया
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
देश में अमन का रंग
हर शै पर रंग जाएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
भारत माँ के लिए
काम ऐसा कर जाएगा,
हर युवा की रगों में
देश भक्ति का जज्बा उमड़ आएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
मर कर भी जो काम आए
ऐसा कुछ कर जाएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
दुश्मनों की गोलियों से
फौलाद बन लड़ जाएगा,
रास्ते की हर रुकावट को
पथ अपना बना जाएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
देश शान्ति के पथ पर
क्रांति का आगाज कर जाएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
प्रेम की खामोशियाँ को
बोलने का हक दे जाएगा,
हर बार के छल से परे
सचेतता का रूप दे जाएगा,
खून का हर एक कतरा
बलिदान अपना दे जाएगा।
