Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

shayma shamim

Inspirational Others

3  

shayma shamim

Inspirational Others

खुशियाँ ज़माने की

खुशियाँ ज़माने की

1 min
35


ज़रूरत थी मुझे जब किसी के हँसाने की,

वजह न बची थी जब मेरे पास मुसकुराने की,

ग़म के बादल मनो यूँ छ्ट गए,

भाई लाया था बहन के लिए ख़ुशियाँ ज़माने की। 


अंधेरों में थी अकेली खड़ी मैं,

कोशिश न की किसी ने मुझे बुलाने की,

तूने हाथ पकड़ के अंधेरों से निकला मुझे,

भाई लाया था बहन के लिए ख़ुशियाँ ज़माने की। 


राखी के बदले मेरी रक्षा करने की कसम जो खाई तूने,

कोशिश की तूने आजतक उस कसम को निभाने की,

मुसीबत न आने दी कभी मेरे ऊपर कोई,

भाई लाया था बहन के लिए खुशियाँ ज़माने की। 


चाहे माँ की डॉट हो या बाप का प्यार,

दोनों रूप में कोशिश की तूने मुझे चाहने की,

न होने दिए कभी अकेला मुझे,

भाई लाया था बहन के लिए ख़ुशियाँ ज़माने की। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational