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Taj Mohammad

Inspirational

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Taj Mohammad

Inspirational

खुदा मिलता नही।

खुदा मिलता नही।

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बिन कलमा के कोई मुसलमाँ होता नहीं।

अगर ना हो नमाजें तो खुदा मिलता नहीं।।1।।


क्यों ढूढता है तू ऐसे उनके मोजजे को।

ये मोहम्मद का असर है जो दिखता नहीं।।2।।


है खुदा के बाद नाम मोहम्मदे रसूल का।

यह वसीला किसी और को मिलता नहीं।।3।।


कोई कह दे शिर्क करने वाले काफिरो से।

यह सर खुदा के बाद कहीं झुकता नहीं।।4।।


इबादत से मिलती है सुकून-ए-जिंदगी।

फिर तू क्यों खुदा की राह में चलता नहीं।।5।।


है तुझे पता ही नहीं मां-बाप के वजूद का।

ये पूंछ उनसे जिन्हें ये साया मिलता नहीं।।6।।


असर क्या है कलमें में तू पूंछ ना उससे।

उसे क्या पता जिसे वह कभी पढ़ता नहीं।।7।।


मत पाल खुद में खुशफहमियाँ ऐ इन्सान।

गुलामे रसूल का दर्जा सबको मिलता नहीं।।8।।


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