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खुद जीना है खुद चलना है

खुद जीना है खुद चलना है

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ये जो कुछ बातें है 

मुझे तुझको बतानी है 

ये जो एक कहानी है 

मुझे तुझको बस सुनानी है 

वो जो ऐसे दिन थे 

जिनमे मैं जिया नहीं 

कि वो जो काली रातें थी 

जिनमे मैं सोया नहीं 

जब मैं यु बस अलग थलग 

लड़ने, भिड़ने, जीने निकला 

हौसला था उम्मीद भी थी 

सब कुछ था पर साथ नहीं 

एक दिन कुछ ऐसे हुआ 

सारा हौसला सारी उम्मीदें  

सब टूट गई सब छूट गई 

वो बातें हां बस शुरू हुई 

वाे दिन बस भी बस अब आ पहुंचे 

ओ रातें भी बस अब शुरू हुई 

राेना रोना और बस रोना 

यही थे मेरे किस्से कहानी 

दुनिया, लोग, दोस्त सब जान गया

सब कुछ वहम है मान गया  

मैं घबराता था मैं डरता था 

कि मैं जो तब था टूट चुका

पर फिर एक उम्मीद आ पहुँची 

कुछ नया बताने नया सीखाने 

मुझे जगाने मुझे उठाने 

कि साथ नहीं अब बस 

खुद जीना है खुद चलना है


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