ख़रीद लेते खुशियाँ।
ख़रीद लेते खुशियाँ।
हम ख़रीद लेते ख़ुशियाँ,
वो गरीबों के लिए यारों।
भोजन और वस्त्र देकर,
पैस कभी ना देता यारों।
सबका दर्द बाँट लेते ही,
ख़ुशियाँ बाँटकर अपनी।
बाँट देते सारे गरीबों को,
अमीर तो अमीर है सदा।
गरीब के लिए पैसे सदा,
अमीर के लिए चैन ज़रा।
