Anupurti Anupurti
Drama
मुझे कभी गले मत लगाना,
बस नाम की ही ख़ुशी हूँ मैं,
मुझे अपनाने वाले कभी
ख़ुश नहीं होते,
ख़ुद ख़ुशी हूँ मैं।
रिसते- रिश्ते
ख़ुशी
युधोन्माद ये सनक छोड़, रे चलो विश्व शांति की ओर...! युधोन्माद ये सनक छोड़, रे चलो विश्व शांति की ओर...!
क्यों आँँसू के रंग अनेक ? लहू के रंग अनेक...! क्यों आँँसू के रंग अनेक ? लहू के रंग अनेक...!
जब तुम घर से निकलोगे, पर मुझको न पाओगे जब तुम घर से निकलोगे, पर मुझको न पाओगे
बेटी की खूबियों को उजागर करती एक कविता...! बेटी की खूबियों को उजागर करती एक कविता...!
राजनीति पर प्रहार करती एक मार्मिक कविता...! राजनीति पर प्रहार करती एक मार्मिक कविता...!
ॐ साईनाथ बाबा हमें, अपने गोद में ले लें, संसार की दुनिया से, नयी राह हमें दिखा दें...! ॐ साईनाथ बाबा हमें, अपने गोद में ले लें, संसार की दुनिया से, नयी राह हमें दिखा द...
तेरे साथ बिताए लम्हों का हर पल बहुत याद आता है...! तेरे साथ बिताए लम्हों का हर पल बहुत याद आता है...!
पढ़ती रहो गज़ल तुम, कैसी है तुम बताओ...! पढ़ती रहो गज़ल तुम, कैसी है तुम बताओ...!
दुनिया का यह मोहजाल, छोड़ मुझे अब जाना होगा । दुनिया का यह मोहजाल, छोड़ मुझे अब जाना होगा ।
चाहत...! चाहत...!
खुदा आ कर तेरा हाथ मेरे हाथों में दे तो कुछ बात हो...। खुदा आ कर तेरा हाथ मेरे हाथों में दे तो कुछ बात हो...।
तीनों आत्माजाओं के मासूम चेहरे देखती, कहां जायेगी ? गर फिर बेटी हुई, उसको लिये...!! तीनों आत्माजाओं के मासूम चेहरे देखती, कहां जायेगी ? गर फिर बेटी हुई, उसको लि...
जीवन की बगिया में फिर से एक नया फूल खिला लेते हैं...। जीवन की बगिया में फिर से एक नया फूल खिला लेते हैं...।
बढ़ती ख्वाहिशों के साथ एक सिमटता शहर, अधूरे सपनों के साथ एक जुड़ती डगर मुंबई, बस एक शहर ! बढ़ती ख्वाहिशों के साथ एक सिमटता शहर, अधूरे सपनों के साथ एक जुड़ती डगर मुंबई, ...
यूँ चेहरा ना बनाया करो किसी के कहने पर तुम, बनावटी चेहरे से तुम्हारा सांवलापन मर जाता है ! यूँ चेहरा ना बनाया करो किसी के कहने पर तुम, बनावटी चेहरे से तुम्हारा सांवलापन...
वो बहते बूढ़े माँ-बाप के आँँसू जिनका बेटा था सरहद का जवान है हर एक बूंद आँँसू की खून समान ना जान... वो बहते बूढ़े माँ-बाप के आँँसू जिनका बेटा था सरहद का जवान है हर एक बूंद आँँसू ...
छिपी हुई जो अंतर्मन में कितने बरसों की वह आशा जिसे सजा आँखों में चलता एक बूढ़ा ले किरणकी की कथा... छिपी हुई जो अंतर्मन में कितने बरसों की वह आशा जिसे सजा आँखों में चलता एक बूढ़ा...
चलो एक सफ़र शुरू करते हैं आज शब्द कोष के कुछ शब्द बदलते हैं आज... चलो एक सफ़र शुरू करते हैं आज शब्द कोष के कुछ शब्द बदलते हैं आज...
कभी ख्यालों से लड़ता हूँ मैं कभी जज़्बातों से लड़ता हूँ मैं कभी तुम्हारी आँखों की गहराइयों से लड़ता ... कभी ख्यालों से लड़ता हूँ मैं कभी जज़्बातों से लड़ता हूँ मैं कभी तुम्हारी आँखों क...
कोई अपनी रूह में, झाँककर तो देखे, मुजस्सिम वहीं, नज़र आता है खुदा। कोई अपनी रूह में, झाँककर तो देखे, मुजस्सिम वहीं, नज़र आता है खुदा।