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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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कहानी

कहानी

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बहते रहना

अविचल अविरल

ना थाह है ना ठिकाना

बहते रहना मेरी कहानी


कभी शांत कभी अशांत

कभी जवां लगती

कभी कमजोर

कभी बचपन की तरह


अठखेलियां

निरंतर

बहते चले चलना।


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