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SHRUTI SINGH

Abstract Tragedy Inspirational

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SHRUTI SINGH

Abstract Tragedy Inspirational

खाली हाथ..

खाली हाथ..

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अभिलाषा से लबा लब,

कागज के पन्नों पर मोहर असंख्य

घूमें लेकर वो हाथों हाथ

लौटें पर बस खाली हाथ।


तर्क कर रहे अखबारों में,

कहां है पर वो व्यवहारों में,

पूछ रहे ये लिखते हाथ,

लौट रहें वो खाली हाथ।


खड़ा ब्याज ले एजुकेशन लोन

अंक अव्वल पर पूछे कौन,

सिर्फ सांत्वना थामें दो हाथ

लौटें पर वो खाली हाथ।

लौटें पर वो खाली हाथ।


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