STORYMIRROR

कदम .के.एल.

Romance

2  

कदम .के.एल.

Romance

कभी कभी

कभी कभी

1 min
61

कभी कभी आती हो

कभी कभी भुला देती हो

नही लगता इतना प्यार तो नही करती हो

जितना पास मेरे रहना चाहिए

उतना क्यों नही रहती हो.


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance