STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Inspirational

3  

Kawaljeet GILL

Inspirational

कब तक आखिर गम

कब तक आखिर गम

1 min
256

मेहनत इतनी शिद्दत से वो कर रहा

सच्चाई की राह पर वो चल रहा

मेहनत उसकी एक रोज रंग लाएगी

जीत उसके कदम चूमेगी यकीन उसको खुद पर है।


हर अंधेरी रात की एक उज्जवल सुबह होती है

गमो के बदल छंट जाते हैं खुशियों का सवेरा होता है

कब तक आखिर गम दामन थामे रहेंगे

एक रोज तो गम दूर भाग जाएंगे।


यकीन है ऐ दिल उसको हौसले उसके बुलंद है

अभी तो सफर लड़ाई का शुरु हुआ है

जंग लड़नी अभी ज़माने से बाकी है

हर बाज़ी को जीत में बदलना है हार को हराना है।


अभिमानी नहीं स्वाभिमानी है वो

किसी के सामने नहीं वो झुकता

अपनी राह वो खुद है बना रहा

ज़माना उसके पीछे पीछे है चल रहा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational