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DR ARUN KUMAR SHASTRI

Abstract

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DR ARUN KUMAR SHASTRI

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कौन है अजनबी

कौन है अजनबी

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हर कोई है अजनबी

कोई मिलने से पहले


कोई मिलने के बाद

हर कोई है अजनबी 

पास रहता हुआ 

दूर रह्ता हुआ 

छू न पाए जो

आपके अन्तर्मन को


बस वही है अजनबी 

हर कोई है अजनबी


खोजना है एक शख्स मुझको

छू सकूँ गहराई से मैं जिसको

पर मिलेगा कभी इसका

यकी आए कैसे मुझको 

हर कोई है अजनबी


जीत हो गी हार होगी

जिन्दगी कब वेदना से पार होगी

बहुत मुश्किल है ये सब समझना

कर रहा कोशिश अथक

कर न पाता तनिक


कोई मिल जाये ऐसा

छू सकूँ गहराई से मैं जिसको

हर कोई है अजनबी

कोई मिलने से पहले

कोई मिलने के बाद. 


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