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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Romance Tragedy Fantasy

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Romance Tragedy Fantasy

कैसे जी पाऊंगा

कैसे जी पाऊंगा

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अजब

अभागा

हूं मैं

जब

किसी से

प्यार का

इजहार

करता हूं

उसे नौटंकी

समझ जाती है

इजहार भी

नहीं कर

सकता

खुल के

प्यार भी

नहीं कर

सकता

मुझे अपने

दिल की बात

करने में

डर लगता है

कहीं ना न

कर दे

कैसे सहन

कर पाएंगे

आने वाले

समय में मैं

कैसे

जी पाऊंगा



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