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Arpita Ranka

Abstract

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Arpita Ranka

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काश

काश

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काश! तुझे चाहा ना होता तो आज इतना दुःख ना होता,

काश! तुझे चाहा ना होता तो आज इतना दुःख ना होता,

काश! तूने पल भर के लिए हमें अपना माना ना होता,

तो शायद आज इतना दुख ना होता।।


काश! तुम्हें ऐसे ना कभी देखा होता,

काश! तुम्हें ऐसे ना कभी देखा होता,

देख कर यह दिल इतना धड़का ना होता,

तो शायद आज इतना दुख ना होता।।


काश! यह मुलाकात इतनी प्यार भरी ना होती,

काश! यह मुलाकात इतनी प्यार भरी ना होती,

तो कभी इश्क से मेरी यू कभी दुश्मनी ना होते।।


काश! ये मुलाकाते आज भी होती,

काश! ये मुलाकाते आज भी होती,

तुम ही हो इश्क सेेे दुश्मनी ना हुई होती।।



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