STORYMIRROR

Paritosh Atora

Inspirational

2  

Paritosh Atora

Inspirational

कारवां

कारवां

1 min
3.0K

जिन्दगी का कारवां

न जाने बने किस तरह

ढूंढने पर मिले मंज़िल

ना जाने किस तरह

दुनिया में जीना चाहेंगे

हम अपनी तरह

अपनी की खैर पूछेंगे

हम खैरियत की तरह

किसी से मिलना चाहेंगे हम

अपने मतलब की तरह


जिन्दगी का कारवां

न जाने बने किस तरह

किसी के काम हम आएंगे

अपनी फितरत की तरह

परितोष की कलम

लिखेगी शब्द

परितोष को मिले

संतोष की तरह


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Paritosh Atora

सोच

सोच

1 min पढ़ें

रौनक

रौनक

1 min पढ़ें

वक्त

वक्त

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Inspirational