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Paritosh Atora

Abstract

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Paritosh Atora

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वक्त

वक्त

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मेरा वक्त बदल जाएगा

मेरा वक्त बदल जाएगा

कलम के शब्दों से

बनती कविताओं से


मेरा वक्त बदल जाएगा

लगता है सबको ऐसा

बात ज्यादा पुरानी नहीं

मेरी कोई कहानी नहीं


पर आज मुझे लगता है

मेरा वक्त बदल जाएगा

मेरे शब्द बनेंगे निशानी कहीं

कुछ दूरी कुछ एहसास


कुछ चाहत कुछ प्यार

कोई मंज़िल कोई मुकाम

मुझे शायद मिल जाएं

मेरा वक्त बदल जाएगा


मेरे शब्दों के कथन से

कुछ दुश्मन बन जाएंगे

कुछ दोस्त नए मिल जाएंगे


फिर भी परितोष सोचता है

मेरा वक्त बदल जाएगा।


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