STORYMIRROR

Kushal Dutt

Romance

3  

Kushal Dutt

Romance

काफी है

काफी है

1 min
146

तेरा साथ काफी है और क्या चाहिए जीने के लिए       

अजनबी हूं तेरे शहर में बस तुझे ही मैं जानता हूं l         

तेरे शहर में रहने के लिए तेरा नाम काफी है             

और क्या चाहिए यहां रहने के लिए

तेरा साथ काफी है और क्या चाहिए जीने के लिए   I                       

अंधेरी रातों में तस्वीर तेरी सीने से लगाकर रखता हूं       

और क्या चाहिए सीने के लिए, तेरा साथ काफी है जीने के लिए l 

तेरे गम में क्यों हम बोतले खोलें काफी है तेरी आंखों का शराब

और क्या चाहिए पीने के लिए तेरा साथ काफी है जीने के लिएl


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance