STORYMIRROR

Dr.Shree Prakash Yadav

Inspirational

3  

Dr.Shree Prakash Yadav

Inspirational

कामना

कामना

1 min
283

राष्ट्र धर्म निर्माण की हो अवधारणा,

ज्योति फैले राष्ट्र में हो सत्य सद्भावना।


भ्रष्टाचार मुक्त हो समाज की अवधारणा,

दूसरों के लिए हो आदर्श सद्भावना।


उदासीनता, संकीर्णता, कायरता परित्यागना,

यथार्थताएं‌ बनी रहे यही प्रबल भावना।


आडंबर, अहंकार, बुद्धिहीनता त्यागना,

कुलक्षणों से सदा दूर रहने की भावना।


दुराग्रह, अंधविश्वासों से मुक्ति की कामना,

नव वैज्ञानिक दृष्टिकोण की हो अवधारणा।


नहीं-नहीं से दूर रहने की अवधारणा,

प्रकाश मय जीवन की है प्रबल कामना।


मुस्कुराकर करें कठिनाइयों का सामना,

मंज़िलें पाने की है यही अवधारणा।


हर फूल खुशबू दे,यही विचारणा,

हर किरण रौशनी दे यही प्रबल कामना।

                  


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational