STORYMIRROR

AMAN SINHA

Romance

4  

AMAN SINHA

Romance

जो मैं होता

जो मैं होता

1 min
337

जो मैं होता गीत कोई तो तुम भी मुझको गा लेते

जो मैं होता खामोश परिंदा तो अपना मुझे बना लेते

जो मैं होता फूल कोई तो गजरा मुझे बना लेते

जो मैं होता इत्र कोई तो तन पर मुझे लगा लेते


जो मैं होता काजल तो तुम टीका मेरा कर लेते

जो मैं होता रंग कोई तो होंठो पर मुझे धर लेते

जो मैं होता मेहँदी तो बस तेरे हीं हांथों पर सजाता

जो मैं होता चूड़ी कंगन तो तुझे चैन ना मेरे बिन होता


जो मैं होता वस्त्र कोई तो तेरे तन की शोभा होता

जो मैं होता चित्र कोई तो तेरी हीं मैं आभा होता

जो मैं होता तेरा तकिया तो मुझे भींच के बाहों में सोता

जो मैं होता प्रार्थना कोई तो बस तेरे मन में ही बसता


जो मैं होता मंत्र कोई तुम मुझको रख लेते अपने अधरों पर

जो मैं होता प्रतिबिंब कोई तो तुम मुझको रखते अपने खुटें पर

जो मैं होता माह कोई तो बस सावन बनकर आता

बनकर काली घटा मैं तेरी घनी जुल्फों में खो जाता।

            



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance