जो अपने हैं (Promp-09)
जो अपने हैं (Promp-09)
फुर्सत के कुछ पल चुराकर
अपनों के साथ वक़्त बिताने का
आनंद ही कुछ और है
मीठे अहसास, खट्टी यादें
कड़वे अनुभव, तीखी बहस
कुछ बेस्वाद अनछुए पल
पल दो पल की है ये ज़िन्दगी
क्यों न मुस्कुराके जी लें सुनहरे पल
कौन जाने फिर कब आना हो यहाँ
संवार लो चहरे की मुस्कान
अपने हिस्से की कुछ खुशियाँ
जो अपने हैं, उनसे साझा करें
कुछ अनाम दर्द उनके हिस्से के
हो सके तो नाम अपने लिख लें
गुजरा पल, शायद फिर लौटे ना।
