जिंदगी
जिंदगी
जिंदगी ,एक खूबसूरत सा सफर,
शायद हैं सब बेखबर,
कि कितना खूबसूरत सफर,
खो गए कुछ गम में,
कुछ गुम चंचल मन मे,
कुछ को नाज़ सफलता पर,
कोई रोया असफलता पर,
कुछ अवसाद में,
कुछ अपने ही प्रताप में,
भूल गए,
सफर है एक,
बस आये है,
और जाना है,
न लेना है,
बस देना है,
पदचिन्ह बना कुछ ऐसा,
बस चले ही जाना है,
कि अनुकरणीय हो,
सीख पाये कुछ इनसे भी,
बस आने वाली पीढ़ियां,
चढ़ सके कुछ,
स्वनिर्माण की सीढ़ियां,
बस जानना इतना ही,
कभी हँसाता है,
कभी रुलाता हैं,
हर पल जीवन का कुछ,
कुछ अद्भुत सिखाता है,
तैयार करने कल को,
बस आज कुछ तपाता है,
जिंदगी का हर लम्हा,
बस कुछ न कुछ सिखाता है।।
