STORYMIRROR

निखिल कुमार अंजान

Inspirational

3  

निखिल कुमार अंजान

Inspirational

जिंदगी की शतरंज

जिंदगी की शतरंज

1 min
975

चारों तरफ मैदान सजा है

शतरंज की बिसात पर ही

शह मात का खेल चला है

चालें चल रहे हैं वजीर 

राजा शान से खड़ा है

प्यादा ही बे मौत मरा है

छल से भरे इस खेल मे

हर पल ख़तरा ही ख़तरा है

कब किस ओर से होगा हमला

ये नहीं किसी को भी पता है

मौका परस्ती के इस खेल में

जाने ऊंट किस करवट चला है

घोड़े और हाथी भी हैं रेस में

जो आया सामने वो कुचला है

जिंदगी एक शतरंज की माफ़िक है

पल पल यँहा खेल बदला है

जिसका फोकस है पूरा इस पर

वही विजय होकर निकला है....



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational