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Kamlesh Ahuja

Inspirational

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Kamlesh Ahuja

Inspirational

जिंदगी खेल नहीं

जिंदगी खेल नहीं

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शामिल न करो ऐसा कुछ भोजन में,

कि विकार उत्तपन्न हो जाएं तन में।


शब्दों के ऐसे तीर न चलाओ कि,

आग सी लग जाए तन बदन में।


जुबां पे ऐसी बात न लाओ कि,

उलझ जाओ किसी उलझन में।


दिल इतना न लगाओ किसी से,

कि जिंदगी गुजर जाए तड़पन में।


जिंदगी खेल नहीं,ये इक व्यवहारिकता है,

सूझ बूझ से जो इसे निभाते,सुखी रहते वो जीवन में।



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