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Deepika Kumari

Abstract

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Deepika Kumari

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जिंदगी का एक मोड़

जिंदगी का एक मोड़

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जिंदगी का एक मोड़ सबकी जिंदगी में आता है,

जब हमारा दिल किसी और के लिए धड़कता है।


कोई एक मन को ऐसा भा जाता है,

कि उसके सिवा फिर कुछ नजर ना आता है।


धीरे धीरे वो कब दिल से जान बन जाता है,

ये हमारा खुद का दिल भी समझ ना पाता है।


दिन रात मन उसी के बारे में सोचता जाता है,

मीठी यादों में उसकी सदा खोए रहता है।


उससे हुई हर मुलाकात को दिल बार-बार याद करता है,

हर मुलाकात के बाद अगली मुलाकात की फरियाद किया करता है।


उसके साथ पूरा जीवन बिता देने को दिल चाहता है,

दिल बस यही सपने दिन रात बुनता जाता है।


सब को होता है प्यार पर सबको मिल नहीं पाता है,

बहुत कम है ऐसे जिन का प्यार पूरा हो पाता है।


बड़े खुशनसीब होंगे वो जिन्हें उनका प्यार मिल जाता है,

शायद किस्मत में नहीं था मेरे यही सोच के दिल खुद को बहलाता है।


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