STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

3  

J P Raghuwanshi

Inspirational

"जीवन"

"जीवन"

1 min
333


जीना सरल नही हैं,

दुनिया है मतलबी।

जी आत्मनिर्भर जीवन,

बना लें छवि।


जीवन मरण लगा है,

सुख-दुख हैं किनारे।

जीवन बदल रहा है,

सम्हल कर चलना प्यारे।


सोचा था,सुख मिलेगा,

जीवन में आगे चलकर।

दुखों ने ऐसा घेरा,

पछताऊं हाथ मल कर।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational