जीवन की चुनौती
जीवन की चुनौती
चुनौतियों से भागना कैसा,
संघर्षों से डर जाना कैसा,
रास्ते खुद बन जाते हैं,
जो चलता रहे हर हाल में तन्हा।
मंजिल वही पाते हैं,
जो थककर भी रुकते नहीं,
हर ठोकर से जो सीखते हैं,
वही हार के आगे झुकते नहीं।
सपनों को साकार करो,
हर मुश्किल पर वार करो,
अंधेरे में जो जलाए रखे दीप,
सवेरा उसी का होता है गहरा।
हार-जीत बस एक खेल है,
हौसले से जो खेले वो जीतता है,
मत हार मान, चलते रहो,
हर मुश्किल घुटनों पर तब आता है।
जो मेहनत से नाता जोड़ते हैं,
वही आसमां को छूते हैं,
जो हिम्मत से न हारें कभी,
सफलता उनके कदम चूमती है।
