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मिली साहा

Inspirational

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मिली साहा

Inspirational

जीवन की आस

जीवन की आस

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वो जीवन भी क्या जीवन है,

जिस जीवन की आस नहीं,

मुकाम हासिल होगा कैसे,

अगर खुद पर ही विश्वास नहीं।


जिंदा रहने के लिए केवल, 

सांसों का चलना ही काफी नहीं,

वो जीना ही आखिर क्या जीना,

जिसमें कोई एहसास ही नहीं।


सदैव धैर्य और संयम खोकर,

खुद को कोसते रहना ठीक नहीं,

परिस्थितियां ही सिखातीं है जीना,

इनके बिना बनती ये जिंदगी खास नहीं।


मेहनत और विश्वास के बिना,

जिंदगी में कभी कुछ मिलता नहीं,

ऐसी सफलता का स्वाद कैसा होगा,

जिसमें खुद के मेहनत की कोई बात नहीं।


सीखो गलतियों को स्वीकार करना,

गलती स्वीकार करने का मतलब हार नहीं,

हालातों को दोष देकर कुछ ना मिलेगा,

अगर खुद की गलतियों का हमें एहसास नहीं।


खोना मत उम्मीद अंधेरे को देखकर,

अंधेरे का मतलब उजाले का खत्म होना नहीं,

मन में वो दीपक जला कर क्या मिलेगा,

जिस दीपक में उम्मीद का कोई प्रकाश नहीं।


वो जीवन भी क्या जीवन है,

जिस जीवन में कोई आस नहीं।


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