जीवन का अफसाना लिख
जीवन का अफसाना लिख
जीवन का अफसाना लिख
राही अपनी मंजिल पर तराना लिख
कठिन डगर है ,मुश्किल सफर है
ठान लिया है तो ,रूके ना ये कदम
ऐसा एक फसाना लिख।
जीवन का एक अफसाना लिख
राही अपनी मंजिल का एक तराना लिख।
मिलेंगे सफर में राहगीर बहुत
भटकना तेरा काम नहीं
सफलता कदम चूम लेगी
आत्मविश्वास है साथ तेरे तो
बाधाओं का डर खास नहीं
तोड़ दे सब बंदिशें
दृढ़ निश्चय से मंजिल का आगाज कर।
जीवन का अफसाना लिख
राही अपनी मंजिल का एक तराना लिख।
जीवन का कोई लक्ष्य साधारण तो नहीं
डुबकियो से अगर दरिया पार करना है
तो नौका का इंतजार सही नहीं ।
अपने नाम को पहचान दे
अपने सपनों में जान दे ।
छू ले हर आसमां के बुलंदियों को तू
जीवन को अंजाम दे , सफलता का आयाम दे।
राही मंजिल का एक तराना लिख
जीवन का एक अफसाना लिख।
