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Prafulla Kumar Tripathi

Abstract Inspirational

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Prafulla Kumar Tripathi

Abstract Inspirational

ज़ीरो से हीरो!

ज़ीरो से हीरो!

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ज़ीरो से हीरो बने, 

यद्यपि कुछ ही लोग।

मेहनत उनका मूलमंत्र, 

उस पर कुछ संयोग।।


सबका बचपन एक समान, 

कुछ ही रखते अपना ध्यान।

विद्या का करते सम्मान, 

और बढ़ाते अपना ज्ञान।।


तीरंदाज कई होते हैं , 

अर्जुन एक ही होता है।

ज्ञान का बस्ता सब ढोते हैं, 

मेधा कुछ को ही होता है।।


धन सम्पदा कई रखते हैं, 

मान सम्मान कुछ लोग।

संकल्पित हो सब जुटते हैं, 

अभिसिंचित कुछ लोग।।



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