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Neelam Thakur

Abstract

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Neelam Thakur

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जीना सीख लो

जीना सीख लो

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दुनिया में आए हो तो जीना सीख लो,

ठहरो नहीं वक्त के साथ चलो,

जमाने के संग रंग बदलना सीख लो।

इश्क बिमारी नहीं,दिल का चैनों आराम है।

बस एक हसीन हमसफ़र ढुंड ल़ो।

माना कि दुनिया में दुश्मन हजारों हैं,

दुश्मनों की भीड़ में एक दोस्त ढुंड लो।

चमन से तो फूल चुनाकरते है सभी,

तुम मेरा कहा मानो,एक कांटा चुनलो ।

रंजोगम के सहारे जिंदगी नहीं कटती,

खुशियों की महफ़िल सजाना सीख लो।

दफा हो जाएगी तन्हाईयां जीवनी से सदा के लिए,

बस गैरों को अपना बनाना सीख लो।



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