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Ravi Ghayal

Inspirational

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Ravi Ghayal

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जब भी देखोगे आईना

जब भी देखोगे आईना

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मैं एक ऐसे समाज का हिस्सा हूँ 

जिसमें नारी को गाय 

गंगा और गोदावरी

माना जाता है


जिसमें माँ बहन और बेटियों

को पूजा जाता है


जिसमें लक्ष्मी 

पार्वती और सीता

नारी में वास करती है

जिसमें नारी को बचाने के लिए आदमी.....

अपनी जान तक दे देता है


परन्तु आज वो समाज कहाँ है और वो समाज का 

हिस्सा कहाँ है?


आज का समाज तो 

नारी की इज्जत को 

पल पल लूट रहा है


ऐ खाकी और सफेद पोशाक वालों ..... 

शर्म करो।


देश तुम्हारा अपना है 

उसमें रहने वाली माँ-बहन बिटिया भी अपनी है


समय रहते बचा लो अपने घर की इज्जत को

वरना वो दिन दूर नहीं जब कोई दरिंदा आयेगा

तुम्हारे सामने तुम्हारी माँ बहन को नोच खायेगा।

और तुम हाथ में डंडा सर पे टोपी होने के बाद भी कुछ कर नहीं पाओगे।


जब भी देखोगे आईना 

शर्म से....

अपनी सूरत देख कर मर जाओगे


और कहोगे या मेरे मौला 

ये दिन भी तुमने दिखा दिये।


शर्म करो ऐ देशवासियों

अब तो 

कुछ करने की बारी है .....


दिखा दो तुम्हारे हाथों में 

चूड़ी नहीं है।

एक बहन की राखी बांध ने वाली कलाई है।



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