जैसा सोचो वैसा बनो
जैसा सोचो वैसा बनो
अंदर की ताक़त को जगायें
वही हमें आगे बढ़ाती है,
तुम स्वयं अपनी कमियां देखते हो
हीन नहीं हो तुम किसी से भी।
न दें किसी को इजाज़त
कि वह समझे आपको कमज़ोर ,
दुख और समस्याओं को चुनौती बना लें
उनसे सामंजस्य बैठाना सीख लें।
लें वरदान की तरह जीवन को
भरोसा रखें उम्मीद और उत्साह में,
दुनिया तुम्हारे गुण देखती है
क़ायल होती है तुम्हारी सफलताओं की।
अपनी कमियों को जानना उन्हें दूर करना
पर अपनी शक्तियों को भी पहचानना ,
न पनपने दें किसी कमी का एहसास
न कम आंकलन करें अपनी बुद्धि का।
सामने वाला नहीं है उतना बुद्धिमान्
जितना आप उसे समझते हैं,
अपनी उच्च योग्यता को पहिचानें
बेहतर उपयोग करें अपनी शक्ति का।
