जाने दो
जाने दो
बेसहारा बेसब ज़िन्दगी को यूँ ही बह जाने दो
डगमगाती जीवन की कश्ती को यूँ ही डूब जाने दो !
अँधियारी सी ये ज़िन्दगी कोई नहीं रोशन करेगा
मत आओ करीब हमारे तन्हा समय बिताने दो !
जिस दिन टूटेगी ये माला मेरी आती जाती श्वाँसों की
टाँग कर तस्वीर पर माला दीवारों पर सजने देना।
