STORYMIRROR

Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

4  

Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

जादू के खेल

जादू के खेल

1 min
446

हो जाए आसमान भी सुनहरा 

और दूर हो जाएँ अँधेरे.

है जब सब जादू उसका,

वह कर सकता है कुछ भी.

सर्वशक्तिमान दे शक्ति मुझे,

दूर कर सकूं मैं भी अँधेरे,

किंग सोलोमन की किताब पढ़ गैब्रियाल हार्वे की तरह

गायब कर दूं सबके दुःख-दर्द.


कर दूं ज़िंदा नौ दिनों में फिर से इंसानियत को

किसी फ़ीनिक्स की तरह.

निकोलस कुल्पीपर की हर्बल की तरह बता पाऊं जादू की बूटी.

निकाल लूं बेज़ार पत्थर बकरियों के पेट से.

और बना दूं ड्रैगन बोन से आज तक की हड्डियों को मजबूत.

चाहता हूँ कि एक नेवला और सांप रखूँ साथ-साथ

और दोनों के लिए एक ही खाना पका सकूं लकड़ियों पर रखी मटकी में। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational