इज़हार
इज़हार
क्या एहसास है दिल में तुम्हारे लिए बताना जरूरी है क्या,
प्रेम बसा है जो निगाहों में तुम्हारे लिए अधरों पर लाना ज़रूरी है क्या.?
रूह में बसे हो तुम धड़कनों में तुम ही समाए हो
सब जानते हो फिर भी इज़हार करना ज़रूरी है क्या.?
कितनी चाहत है दिल में सब जानते हो तुम
ये राज सिर्फ हमारा है इसे दुनिया को दिखाना ज़रूरी है क्या.?
ये पता तुम्हें भी है कि मैं सिर्फ़ तुम्हारा हूं
हर बार इसका यक़ीन दिलाना ज़रूरी है क्या.?

