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Yogesh Shukla

Romance

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Yogesh Shukla

Romance

अधूरी होली

अधूरी होली

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ये दिन रंगों वाला है मगर है किस्मत मेरी बेरंग है

ना सोचे थे कि कभी गम का बादल आये

पर खुशियों से चल रही मेरी जंग है,

जुदाई तो लिखी ही नहीं थी इन हाथों के लकीरों में

फिर जुदा कैसे हुए इस बात से दिल दंग है।


अनोखे रंगों में रंगी आज ये होली है

तुम बिन ये रंग लग रहा जैसे बंदूक की गोली है

यूँ तो नज़ारों से भरा है ये आसमां

पर तू साथ नहीं तो जैसे सब रंगों की ठिठोली है,

काश तू आए और खत्म हो ये इंतज़ार के लम्हे

की "आज़ाद" तेरे बगैर सूनी -सूनी सी ये होली हैं...



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