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मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Inspirational

4.5  

मधुलिका साहू सनातनी

Abstract Inspirational

इतिहास कि मौत

इतिहास कि मौत

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इतिहास कि मौत
चलो इतिहास को दफन किया जाये
उसके मरने का गम मनाया जाये
दफन इतिहास हुआ है पर
आँच हम तक आयी है
आज देश के बच्चे जल रहे हैं
कल तुम्हारे दामन को
आँच जलायेगी
और क्या
सिर्फ इतिहास मरा है
मरी तो परंपरा भी है
थोड़ी संस्कृति भी
सूली चढ़ी है
और सच्चाई का क्या?
वह भी तो
सरे आम कत्ल हुयी है
संस्कृति परम्पराएं सच्चाई
रोती दुहाई देती रहीं
पर निष्ठुरता से इनका गला घोंटा गया
इन्हीं पन्नों को दफन किया गया
इतिहास तो बाद मे दफन हुआ



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