STORYMIRROR

SANJAY SALVI

Romance

2  

SANJAY SALVI

Romance

इंतजार

इंतजार

1 min
137

हम भी थे कुछ काम के,

हम भी थे कुछ नाम के,

कुछ इस कदर बदनाम हुए,

जुड़ के तेरे नाम से,

ढूंढते हैं गली गली,

ढूंढते हैं शहर शहर,

कहीं तो मिलोगी तुम,

कोई तो बताएगा घर,

थम गए हैं रास्ते,

हम नहीं थके मगर,

अब आखिरी एक आस है,

बैठे है इंतजार में,

कब्र अपनी खोदकर।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance