Breath
Children
जीते हैं जानवर नही अपने लिएआप क हो क्यू बहक जाते होठीक नही है रास्ता इंसानो के लिएइंसान होकर वहा क्यू जाते हो
इंसान एक
माँ, ओ माँ हर बात पे तेरा समझाना, माँ, ओ माँ हर बात पे तेरा समझाना,
शब्दों की सुरीली मुस्कान, करती हैं सबको आकर्षित। शब्दों की सुरीली मुस्कान, करती हैं सबको आकर्षित।
यूँ छोटी-छोटी बातों में जो तुम ये कहती थी, यूँ छोटी-छोटी बातों में जो तुम ये कहती थी,
बेइंतहा भरोसा और आत्मविश्वास पैदा कर बेइंतहा भरोसा और आत्मविश्वास पैदा कर
तूफ़ान अजगर सा उसे निगल जाना चाहता अभावों में एक और अभाव, पर कौवा आगे बढ़ता रहा। तूफ़ान अजगर सा उसे निगल जाना चाहता अभावों में एक और अभाव, पर कौवा आगे बढ़ता ...
सर्द रातों में कोई नहीं जो, बांहों में भरके मुझे सुलाए। सर्द रातों में कोई नहीं जो, बांहों में भरके मुझे सुलाए।
झुकी पलकें, आँखें हैं नम, बिस्तर पर जैसे तोड़े दम, दिल में कोहराम, छुपाए गम झुकी पलकें, आँखें हैं नम, बिस्तर पर जैसे तोड़े दम, दिल में कोहराम, छुपाए गम
इसी तरह, यीशु के मन में भी यहूदा के प्रति कोई द्वेष नहीं है। इसी तरह, यीशु के मन में भी यहूदा के प्रति कोई द्वेष नहीं है।
खेत - खलिहानों को जाते लोगों के चेहरों पर एक अजीब सी मुस्कान की झलक देखी है, खेत - खलिहानों को जाते लोगों के चेहरों पर एक अजीब सी मुस्कान की झलक देखी है,
कौन है वह ? जो, ना रुकता है किसी के लिए, है ना जिसका कोई पराया ना अपना, कौन है वह ? जो, ना रुकता है किसी के लिए, है ना जिसका कोई पराया ना...
कल कल बहती जल की धारा को छूना चाहती हूं बस एक बार मुझे अपने आंगन में कदम रखने दो कल कल बहती जल की धारा को छूना चाहती हूं बस एक बार मुझे अपने आंगन में कदम रखने...
ये सपनों का ‘प्रयास’ है ! ये सपनों का ‘प्रयास’ है !
गिल्ली-डंडा, पिट्ठू, वो लंबी दौड़, अब भी हैं यादें, बस दिल में कहीं जोड़। गिल्ली-डंडा, पिट्ठू, वो लंबी दौड़, अब भी हैं यादें, बस दिल में कहीं जोड़।
केवल एक ही आस है दिल में, फिर से हो जाएँ हम बच्चे...! केवल एक ही आस है दिल में, फिर से हो जाएँ हम बच्चे...!
मूर्ति के सिद्धांत, जीवन का सार बताते संवेदना व जिम्मेदारी की नींव हो जाते मूर्ति के सिद्धांत, जीवन का सार बताते संवेदना व जिम्मेदारी की नींव हो जाते
बंदर ने दिया उन्हें आखिरी सलाम, उसे आखिरी अलविदा कहना पड़ा। बच्चे रोते रहे उसके पास। बंदर ने दिया उन्हें आखिरी सलाम, उसे आखिरी अलविदा कहना पड़ा। बच्चे रोते रहे...
फिर भी जिंदा है आस, फिर नई एक सुबह आएगी, फिर भी जिंदा है आस, फिर नई एक सुबह आएगी,
जिवा क्या हैं? एक अनमोल गहना। जिवा क्या हैं? एक अनमोल गहना।
गोल है मीठे स्वादिष्ट ये लड्डू खाए मुन्नी खाए गुड्डू गोल है मीठे स्वादिष्ट ये लड्डू खाए मुन्नी खाए गुड्डू
सुख-दुख यूं ही चलते रहे, जीवन के रंग, ज्ञान मिले हर जीव को, ना रहे जन अज्ञान। सुख-दुख यूं ही चलते रहे, जीवन के रंग, ज्ञान मिले हर जीव को, ना रहे जन अज्ञान।