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Dr Saket Sahay

Inspirational

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Dr Saket Sahay

Inspirational

इंसा

इंसा

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झुकी-दमित, दबी आंखें अब आशावान हो रही हैं

जिन सुरखी-चुने की मजबूत दीवारों पर आपने

अविश्वास और झूठ की नोनी लगाई थी 

वो अब भरभरा रही है

एक दिन सब धूल-धक्कड में उड़ जाएंगे।

धीरे-धीरे सैकड़ो साल पुराने झूठ, भ्रांतियों के अवशेष। 

पर इसके लिए हम सभी को धर्म, जाति से ऊपर उठकर इसां बनना होगा। 



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