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मिली साहा

Abstract

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मिली साहा

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ईश्वर

ईश्वर

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कोई अदृश्य बुरी शक्तियां अगर हमें डरा सकती हैं,

तो कुछ अदृश्य शक्तियां हमारी रक्षा भी तो करती हैं,


कभी- कभी परेशानियों से हम ऐसे निकल जाते हैं,

मानो कोई अदृश्य शक्ति है जो हमारा साथ दे रही हो,


वो अदृश्य शक्ति और कोई नहीं ईश्वर है, परमात्मा है,

कभी-कभी कुछ ऐसा घटित होता मानो पास खड़ा हो,


ईश्वर के प्रति हमारी आस्था, विश्वास ही हमारी शक्ति है,

आस्था और विश्वास अदृश्य होकर हमारे साथ चलती है,


 ये अदृश्य शक्तियां तो हमारे अंदर ही विद्यमान रहती है,

जो नामुमकिन को भी कभी-कभी मुमकिन कर देती है,


ये शक्ति तभी काम करती है जब खुद पे विश्वास होता है,

स्वयं पर विश्वास ही तो ईश्वर की भक्ति है हमारी शक्ति है,


कण-कण में विद्यमान है ईश्वर, हर प्राणी हर, जीव में है,

मनुष्य ढूंढ़ता उसको इधर -उधर पर वो सबके मन में है,


ईश्वर जाने अनजाने किसी भी रूप में हमें बचाने आता है,

कभी नर्स कभी डॉक्टर तो कभी माता-पिता बन जाता है,


अनंत,अविनाशी,निराकार ईश्वर बसता है सबके हृदय में,

एक अदृश्य शक्ति बनकर विद्यमान है ये संपूर्ण ब्रह्मांड में,


प्रत्यक्ष देख नहीं सकते ईश्वर को पर वो सब कुछ देखता है,

दुनिया में ईश्वर की भक्ति से पवित्र और कुछ नहीं होता है।


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